📅 अपडेटेड: 14 मई, 2026 | ✍️ लेखक: राहुल कुमार (Exam Analyst)
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🎯 किन छात्रों को Scrutiny फॉर्म जरूर भरना चाहिए?
- जिन्हें उम्मीद से 20+ अंक कम मिले हों।
- किसी एक विषय में असामान्य रूप से कम नंबर आए हों।
- प्रैक्टिकल और थ्योरी के अंकों में बहुत बड़ा अंतर हो।
- जो छात्र पास होने की सीमा से केवल 1-5 अंक पीछे रह गए हों।
📌 स्क्रूटनी (सन्निरीक्षा) में क्या जांचा जाता है और क्या नहीं?
✅ ये जांचा जाएगा:
- अंकों के योग (Totaling) की गलती।
- कोई प्रश्न बिना जांचे तो नहीं छूटा।
- अंकों की कंप्यूटर पोर्टल पर गलत फीडिंग।
❌ ये नहीं होगा:
- उत्तरों की गुणवत्ता का दोबारा री-चेक।
- नई कॉपी चेकिंग प्रक्रिया।
- लिखे हुए उत्तरों पर दोबारा नए सिरे से अंक देना।
📮 क्षेत्रीय कार्यालयों के पते (यहाँ भेजें अपना आवेदन)
ऑनलाइन आवेदन के बाद चालान और फॉर्म की कॉपी निम्नलिखित पते पर पंजीकृत डाक (Speed Post) से भेजनी होगी:
| क्षेत्रीय कार्यालय | अंतर्गत आने वाले जिले |
|---|---|
| प्रयागराज | प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी आदि। |
| मेरठ | मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि। |
| वाराणसी | वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही आदि। |
| बरेली | बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर आदि। |
| गोरखपुर | गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती आदि। |
💙 एक ज़रूरी बात:
कम अंक आना आपके उज्ज्वल भविष्य का अंतिम निर्णय नहीं है। हर साल हजारों छात्र Scrutiny, Compartment और आगामी प्रवेश परीक्षाओं के जरिए शानदार वापसी करते हैं। अपनी हिम्मत बनाए रखें और सही प्रक्रिया का पालन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
स्क्रूटनी की फीस कितनी है और कैसे जमा करें?
इसकी फीस ₹500 प्रति प्रश्नपत्र है। यह राशि राजकीय कोषागार (Treasury) में चालान के माध्यम से जमा करनी होती है।
क्या स्क्रूटनी में नंबर कम भी हो सकते हैं?
सैद्धांतिक रूप से हाँ, यदि जांच में योग की कोई ऐसी गलती मिलती है जिससे अंक अधिक जुड़ गए हों, तो नंबर कम हो सकते हैं। हालांकि ऐसा होना विरल (rare) है।
